Name:
Rajesh Sharma
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Its a great site of Haryana
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Amit walia
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वाकया और मनोज जी का अत्म मंथन अच्छा लगा।
Name:
Rajesh Lather
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It is very good. But update Data.
Name:
Raj Sharma
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Please enter more information about Panipat.
Name:
Ekta
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Its a great site for us. I think number of work done on this site.
Name:
कुन्दन कुमार मल्लिक
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मनोज सिंह जी,
लगता है आप ने अपने दिल की पूरी भडास निकाल ली है। एक हद तक मैं आपकी बात से सहमत हूँ की तथाकथित टी.आर.पी. के चक्कर में मीडीया अपनी जिम्मेदारी और समाजिक मर्यादा को भूलती जा रही है। मुझे एक वाकया याद आ रहा है जब कुछ महीने पहले देश की एक निजी टी.वी. चैनल इंडिया टी.वी.ने उत्तरप्रदेश में हुई एक तथाकथित फर्जी मुठभेड की घटना की वीडीयो को इतना तोड-मडोडकर दिखाया था की पूरे राष्ट्र में तहलका मच गया था। बाद में उसी घटना की विडियो को एक जब एक दूसरे चैनल ने दिखाया तो उससे यह साफ था कि उस शख्स ने पहले पुलिस पर बम फेंके जिससे घटनास्थल पर ही एक पुलिसकर्मी की मौत हो गयी बाद में वह शख्स जवाबी कार्रवाई में मारा गया। अभिषेक बच्चन- ऎश्वर्या रॉय की विवाह को तो मीडीया वालों ने बढ-चढकर दिखाया जहाँ मीडीया वालों को दूर-दूर तक फटकने की अनुमति नहीं थी। जबकि उसी दिन कश्मीर में हुए एक मुठभेड में एक मेजर समेत कई जवान शहीद हो गये थे जिसकी सुध किसी भी चैनल वालों को नहीं हुई. आप मानें या न मानें परन्तु इन सभ बातों के लिए हमलोग भी उतने ही जिम्मेदार हैं. आपका- कुन्दन कुमार मल्लिक, बंगलोर Name:
dr.vishnu purohit
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PLEASE SEND A COPY OF YOUR ARTICALS
Name:
rajesh
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Your latest one is very accurate analysis of human behaviour or i can say that human psyche. This attitude is prominent in males, if we take the examples quoted by by u as a yardstick.Could u please do some deeper analysis.The contents were healthy anyway.
Name:
कमल राजपूत
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मनोजजी,
जो विषय आपने चुना वाकई सराहनीय हे और आपकी शैली और भाषा बेहद ही प्रभावशाली हे. आजके इन्सान की विडम्बना यही हे कि वो पागलों के समान दौड़ रहा हे और इस उधेड़बुन मे उन मूल्यों का हनन कर रहा हे जो हमारी धरोहर हे. आधियात्मिक जीवन की परिभाषा बदलने वाले भूल रहे हे कि इसकी कीमत इक पीढ़ी को चुकाना पडेगी और पुराणी पीढ़ी के लोगो को यह जहर पीना पड़ेगा. आशा करता हूँ कि आपके इस प्रयास का लोगो पर असर होगा. आपकी कलम निरंतर इसी तरह बहती रहे. Name:
शास्त्री जे सी फिलिप
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यह बहुत खुशी की बात है कि आप की पुस्तक को इतनी प्रशंसा मिली. यदि हिन्दीजगत के सिर्फ 10 प्रतिशत को इस तरह की प्रशंसा मिले तो हिन्दी लेखन पर बहुत सकारात्मक असर पडेगा. इसके लिये हम सब को उत्साह के साथ प्रयत्न करना होगा. बधाईयां !!
Name:
notepad
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मनोज जी, आपसे ठीक विपरीत स्थिति है मेरी लेकिन इसका फ़ायदा मुझे कभी नही मिला । या शायद मैने लेना नही चाहा । प्रतिभावान भी हूं लेकिन कई बार पीछे हटी और हमेशा सतर्क रही कि कहीं यह न लगे कि व्यक्तित्व के आकर्षक होने का फ़ायदा उठा रही है । इसलिए न चाह कर भी वह रूखापन और कठोरता अपनाई जो आपको जन्म से मिल गयी है और जिसमें आपका कोई योगदान नही ।
Name:
anitakumar
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मनोज जी
आप की त्रासदी मैं समझ सकती हूँ। दुर्भाग्यवश मैं भी जन्मजात इसी त्रासदी का शिकार हूँ(सिर्फ़ आवाज मेरी भारी नहीं हैं) और ऊपर से नारी, तो मेरी त्रासदी आपसे ड्बल है। सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि ऐसे व्यक्तित्व को आप बदलना भी चाहें तो कर नहीं सकते। Name:
राजीव
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वाकया और मनोज जी का अत्म मंथन अच्छा लगा।
कहीँ-कहीँ या फिर सीधे कहें तो बहुत कुछ मुंशी प्रेमचन्द की कथा, शायद "गिल्ली-डंडा" की झलक मिलती है इस घटनाक्रम और लेख के आत्म विचार में क्या ऐसा ही लगता है किसी और को भी? Name:
Taraksh
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बेहतरीन समीक्षा... फिल्म देखने की इच्छा बढ़ सी गई है। देखते हैं कब मौका मिल पाता है फिल्म देकने का।
Name:
G विश्वनाथ, जे पी नगर, बेंगळूरु
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मनोजजी,
इस समीक्षा के लिए धन्यवाद. दस दिन पहले मैंने, पत्नि के साथ, यह फ़िल्म देखी थी । उसी दिन एक हॉकी स्टिक खरीदने का मन हुआ ! समीक्षा ध्यान से पढ़ा और ऐसा लगा फ़िल्म एक बार फ़िर देख रहा हूँ । इस फ़िल्म के बारे मेरी राय आपकी राय से १०० % मिलती है । Name:
चंडी दत्त शुक्ल (Delhi)
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ऐसे ही dikhane bhar के लिए समीक्षा नहीं लिखी यह बात अच्छी लगी... अपना उत्साह इसी तरह बनाए रखें.
Name:
Manisha Dhawan (Delhi)
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Experience life, pain, joy, happiness and more through the eyes by manoj singh
Name:
Neelarun (Bhopal)
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Anat me astivahinta lekh pad kar mai sochane ko majboor hoo...
Name:
Ravi (Bombay)
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Tumhare lekh me brahmanand ki viraataa ke aage "mai" ki sookshamata ka sunder chitran hai. sadoovad
Name:
Arun
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Manoj Ji bhai ab easi bhi kya khata hui ap subah subah aina lekar aa gaye. garv karne layak bata kar pura dho dala.kuch nahi choda. kas hum kuch hi sudar jai..
Name:
Paramjeet Bali
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Manoj Singh ji bahut hi satil lekh likha hai.aaj hamari dasa easi hi hai.hum sub ko atm manthan ki jaroorat hai jo sayad hum kabhi nahi karenge
Name:
Mired Mirage
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Acha likha hai. apki bate sochane layak hai.
Name:
Shastri J C
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Apka vislesan bahoot satik hai. likhate rahe parivartan jaroor aiga...
Name:
Benam
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Sachchai ka mol nahin, chup ho ja kuch bol nahi, pyar preet chillayega to apna gala gavayega.
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